Wednesday, March 27, 2019

इंतजार किजिये...23 मई के बाद नई भूमिका में होगें मोदी-राहुल

मोदी कैबिनेट के चेहरे रविशंकर प्रसाद को पटना एयरपोर्ट पर काले झडे दिखा दिये जाते है । झंडे दिखाने वाले बीजेपी के ही राज्यसभा सदस्य आर को सिन्हा के समर्थक थे । मोदी कैबिनेट के सबसे बडबोले मंत्री गिरिराज सिंह का टिकट नवादा से कट जाता है और गिरिराज इसके लिये बिहार प्रदेश के अध्यक्ष नित्यानंद राय को कटघरे में खडा करते है । शत्रुध्न सिन्हा खुल्लमखुला मोदी के खिलाफ खामोश कहकर काग्रेस का रास्ता पकडते है और लालकृष्ण आडवाणी को बतौर फिलोस्फर गाईड के तौर पर याद करते है । आडवाणी टिकट ना मिलने पर किसी के ना पूछने तक का जिक्र कर चुप हो जाते है । मुरली मनोहर जोशी तो खुल तौर पर रामलाल की टिकट ना मिलने की ना का सार्वजनिक बयान कर देते है । उमा भारती अनमने ढंग से चुनाव ना लडने का जिक्र कर देती है । सुषमा स्वराज जब से बिगडी सबियत का जिक्र कर चुनाव ना लडने का एलान करती है तभी से बतौर विदेश मंत्री उनकी सक्रियता बढती नजर आती है । छत्तिसगढ के पूर्व सीएम रमन सिंह के बेटे को भी टिकट नहीं दिया जाता । और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की टिकट बंटवारे में कोई बात सुनी ही नहीं जाती । तो मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के आगे पारपंरिक सीट छोड काग्रेस के दिग्विजय के सामने भोपाल से लडने की चुनौती है । तो क्या बीजेपी जो  उपर से दिखायी दे रही है वह अंदर से बिलकुल अलग है । यानी चेहरो में बिखरी बीजेपी में संगठन संभले कैसे या फिर मोदी-शाह के खेल में बीजेपी को जीत मिले लेकिन जीतने वाले बिना आधार के नेता ही रहे जिससे कोई चुनौती ना बने । यानी बीजेपी के भीतर की चौसर कुछ ऐसी बिछ चुकी है जिसमें बीजेपी का संगठन चेहरो में बंटा हुआ है ।अनुशासनहीनता के हालात कार्रवाई करने की इजाजत नहीं दे रहे है । कद और अनुभव को मान्यता देना कही नहीं है ।  और इन हालातो के बीच बिहार में नीतिश का कद । महाराष्ट्र में उद्दव का कद । यूपी में छोटे दलो की हैसियत । और बिना कद वाले विरोधियो का बीजेपी में शामिल होने पर जश्न मनाकर जीत का राह बन रही है ये सोच हावी हो चली है ।
बीजेपी के इस अंदाज  के सामानातंर काग्रेस क्षत्रपो के अंतर्विरोधो को ढाल बनाकर अपनी सौदेबाजी का दायरा बढाने से नहीं चुक रही है । बिहार में महागठंबधन की चौसर पर काग्रेस का पासा पप्पू यादव है जिससे आरजेडी के यादव को काउंटर किया जा सकता है तो फिर यूपी में भीम आर्मी के चन्द्रशेखर के जरीये गठबंधन में मायावती को  । बंगाल में ममता बर्दाश्त नहीं है तो आध्र में चन्द्रबाबू नायडू । और दिल्ली में केजरीवाल की जमीन को नकारना भी मुश्किल है लेकिन भविषय की जमीन को बनाने के लिये केजरीवाल की जमीन को नकारना भी जरुरी है ।
यानी बीजेपी-काग्रेस की  चौसर पर फेकें जा रहे पांसे साफ दिखायी दे रहे है । मोदी शाह की जोडी 23 मई के बाद त्रिशुकं जनादेश के हालात में बीजेपी के भीतर खुद को नकारे जाने के लिये तैयार नहीं है । तो अभी से बीजेपी के उम्मीदवारो की लिस्ट के जरीये बीजेपी की घेराबंदी की जा रही है । जिससे कोई सर उठा ना सके । तो काग्रेस त्रिशंकु जनादेश के हालात में विपक्ष में सबसे बडी ताकत के साथ खडे होने की तैयारी में है तो गठबंधन की सोच तले अकेले ल़डते हुये ज्यादा से ज्यादा सीटो पर लडने के हालात बना ही है । और ये दोनो रास्ते साफ बता रहे है कि 2014 की मोटी लकीर  2019 में इतनी महीन हो चुकी है जहा इस या उस पार के हालात चुनावी जनादेश तले रेगने लगे है । तभी तो चुनाव आयोग नीति आयोग के चैयरमैन राजीव कुमार को राहुल के न्यूनतम आय पर टिप्पणी करने को सही नहीं मान रहा है । खुद प्रधानमंत्री को ' मिशन शक्ति ' का सहारा लेकर सुर्खियो बनानी पड रही है । राहुल गांधी चौकीदार के लोकप्रिय अंदाज के साथ गरीबो को 72 हजार सालाना का ऐसा गंभीर इक्नामिक माडल रखने से नहीं चूक रहे जहा कारपोरेट के साथ दिखने वाली पारपंरिक काग्रेस की रंगत ही बदल जाये । और समाजवादी-वामपंथी विचारधारा का लेप काग्रेस खुद पर लगाकर उस बीजेपी से भी कई कदम आगे निकल पडी है जो बीजेपी कभी स्वदेशी या देसी इकनामी की बात करी थी ।
यानी सियासत की महीन लकीर में मोदी-शाह ने अपने लिये इतनी मोटी लकीर खिंच ली है कि वह नेहरु गांधी परिवार की ताकत से ज्यादा बडी ताकत लये खुद को बीजेपी में जमा चुके है । और राहुल गांधी खुद में काग्रेस समेटे सामूहिकता का ऐसा औरा बना रहे है जहा काग्रेस अब क्षत्रपो के सामने झोली पसारने की जगह अपनी झोली में क्षत्रपो के वोटो को समेटने की स्थिति में आ जाये । यानी चुनावी शह मात का ये खेल  पहली बार मोदी और राहुल को एक ऐसे चक्रव्यू में खडा कर चुका है जिसमे बाहर वही निकलेगा जो त्रिशकु जनादेश को अपने पक्ष में गढने का हुनर जानता होगा ।   

55 comments:

Dr. Nitin Vyas said...

Exactly analysis

Unknown said...

क्रांतिकारी बहुत क्रांतिकारी 23 मई की आने वाली है मोदी जी भी आने वाले लेकिन आप लोगों की हालत देखकर हंसी आएगी

Unknown said...

Rightly said

Unknown said...

एक नंबर सर

Dayaram Rabari said...

बिल्कुल सही कहा सर

Rahul Garje said...

What do you think about Rahulji as prime minister please explain in comment...

Unknown said...

Well said sir, we are missing you to see on television

Master stroke: stand with truth said...

सटीक और उम्दा विश्लेषण ,

Unknown said...

अब क्या कहे जब हर बात मे खोट निकालना ही पत्रकारिता बन जाए
विकल्प की जगह पर सिर्फ प्रश्न किया जाए और दर्शाया जाए देश दशा वैसी ही है जैसा खुद देख और समझ रहे हैं

Unknown said...

दारू पीकर लिखा है क्या भाई!
क्या लिखा है, फिर से पढ़ो।
कुछ पल्ले नहीं पला।
अरे कहना क्या चाहते हो?

राजीव कुमार शर्मा said...

आपका वक्तव्य बहुत ही सटीक और सही है। आपको नमन

Think Ahead said...

Correct sir

Shiv Pratap said...

Iske liye dimag chahiye.

Krishan Mohan said...

अति उत्तम

Rishabh mishra said...

सर इंतजार है आपका किसी नए चैनल पे

champa said...

आप और अभिसार जैसे दो और मीलके एक चैनल की सुरुवात करें हम भी थोड़ा बहुत मदद करेंगे ।

LK love said...

Right sir ji

Unknown said...

अद्भुत इतनी parkh नजर se आपने विश्लेषण कीआ gaja

Unknown said...

बहुत ही सटीक विश्लेषण वाजपेयी जी,लेकिन चश्मा लगा कर पढ़ने वालों के समझ में नही आएगा।

Subhamoy Banerjee said...

It's a matter of thought:
Why does one need so much of hollow advertisement and propaganda?
This election is not going to be a cakewalk for any party.

Saket Kumar said...

क्रान्तिकारी बहुत क्रांतिकारी 😝

राजीव said...

सर मैं आपका बहुत बड़ा फ़ैन हुआ करता था.लेकिन अब मैं आपके कोई शो नहीं देखता बहुत dino के बाद आज आपका ब्लॉग पढ़ा पढ़ कर बहुत निराशा हुई.आप पत्रकारों को ज़मीनी हालात बिलकुल भी नहीं मालूम है.आप चाहो तो ये मेरा कॉमेंट सेव करके रख लो मोदी फिर आरहे हैं और पहले से ज़्यादा सीटें जीत रहें हैं

RAJAN 14322 said...

Rajiv ji so jao nind me h sayad ap

Unknown said...

very nice sir. aankhe taras gayi hain aapko 10tak ke andaz mein dekhne fir master stock or ab jai hind bhi sun rahe hain band hua. ravishankarko duaayen dete rahiye ek din ishwar khuli hawa mein fir saanse lene dega. jindgi yahi hai sir agnipath agnipath agnipath

Unknown said...

पल्ले पड़ेगा भी नहीं क्योंकि तुम तो चौकीदार हो। भगवान करें तुम्हारी सात पीढ़ी चौकीदार पैदा हो, और असली चौकीदार के बच्चे कलेक्टर।

anand sharma said...

Sir jab tak janta empower nahi hogi educate nahi hogi , iss chiz ki samajh nahi rakhegi kisko chunn na hai tab tak kuch badalne wala nahi .

Unknown said...

Daaru pee kar padhoge to kaha kuch samajh ayega

Deepak Joshi said...

Sir you are correct and wait and watch for 23 May

S Bharat said...

Very good analysis

Sudesh Sharma said...

Please continue to expose these liars and opportunists. I know you are going through a tough phase and I pray God that your family stands behind you. God bless you my dear

Unknown said...

बहोत बढ़िया

Unknown said...

Truly said!!!

vijay patil said...

punyprasoon ji hamesha ki tarah sahi vishleshan

sadhuwad

Unknown said...

23 मई BJP गई

Unknown said...

Satik vishkeshan

pramod gohari said...

सत सत नमन

Unknown said...

स्क्रिनशाट लेलो बेटा आगे काम आएंगे

Isar shaikh said...

गाँजा ज्यादा हो गया है

akhter said...

Excellent Analysis..

Unknown said...

Bahot khoob Sir

Hanif Shaikh said...

👍👍👍👍

Unknown said...

त्रिसंकू जनादेश को केवल और केवल मायावती जी, लालू यादव जी, मुलायम सिंह जी और देव गौडा जी ही अपने तरफ मोड़ने की काबिलियत रखते है.

Anupanand said...

सर, इतनी टैलेंट और निर्भयता, आपमे कहाँ से आती है। कृपया हमे मार्गदर्शित करे।

विनोद मानवतावादी said...

मोदी जी का छदम देश भक्ति का भाषण सुनकर सोचा कुछ पूछ लू
मोदी जी जबाब दे कोनसी देश भक्ति के तहत आप लोगो ने अपार प्यार आतंकी पाकिस्तानियो पर लुटाया >
१-जिन्ना की मजार पर माथा रगड़ा
२-शपथ ग्रहण में बुलाओ आप लोग
३-पाकिस्तानियो का जन्म दिन मनाने केक-बिरियानी खाओ उपहार का लेन देन और आतंकी नवाज में माँ के पैर में नाक रगड़ा
४-पठानकोट हमले की जाँच पाकिस्तानी आईएसआई से कराई
५-आतंकी पाकिस्तान दिवस की शुभकामन चोरी छिपे दी

पाकिस्तानियो ने हमारे लगभग एक लाख जवानो और नागरिको के खून से रंगे हुवे है कोनसी संस्कार के तहत दुश्मन से दोस्ती निभाई , क्या इससे शहीद सैनिको का अपमान नहीं हुवा क्या सैनिको का मनोबल नहीं टुटा |
देश से दुश्मनी वाला काम आप करो आप लोग और दोष मढ़ो औरो पर मुझे तो लगता है पाकिस्तान के केक खाने के बाद आप झूठ के साथ बेशर्म निर्लज्ज भी बन गए है
@ मोदी जी से एक देश हित में मेरा प्रश्न > आपके बिन बुलावे पाकिस्तान यात्रा के बाद आतंकबाद व सीज फायर की घटनाओ में बेहिसाब बृद्धि क्यों हुई क्या गुंटर गु सैटिंग कर के आये थे |
जबाब दे |

विनोद मानवतावादी said...

आजादी से पहले जिनके पिताजी दादाजी परदादाजी लंगोटी या कटु में ५६ टांके लगाके जीवन यापन करते थे उनकी बेशर्म निर्लज्ज संताने आज टाई सूट बुट लगाके इंग्लिस में कहते है कांग्रेस ने ६० साल में किया क्या |
मेरी सोच के अनुशार ये आरएसएस-बिजेपी वालो को गोरा की गुलामी की जंजीर ही प्यारी है |

विनोद मानवतावादी said...

बिजेपी वाले वोट मांगने आये तो २०१४ के मुख्य वादों का नतीजा जरूर पूछे >
१-२ करोड़ नौकरी
२- भ्रस्टाचार कितना मिटा
३-भ्रस्ट नेताओ को जेल
४-कृषक की आय दुगुणी
५-महंगाई कम होगी
६-बिदेशी बैंक में किसका धन है उन नामो की एक लिस्ट थी मोदी जी के पास वो कहा गई
७-आतंकबाद बंद होने के जगह क्या बढ़ा

ARBIND PANDEY said...

बस ऐसे ही लिखते रहिये

विनोद मानवतावादी said...

मोदी जी बड़े बेशर्मी से कांग्रेस को कोसते है तो सिर्फ कुछ प्रश्नो उत्तर दे > १९४७ के आकड़े बताये >
१-कितने % लोग शिक्षित थे
२-कितने % लोगो को इलाज उपलब्ध था
३-कितने % गांवो में बिजली थी
४-कृषि ऊपज क्या थी
५-कितने % लोगो को पिने का साफ़ पानी उपलब्ध था
६-कितने डाक्टर इंजीनियर थे
७-कितने स्कूल हॉस्पिटल थे
८-कितने % लोगो को यात्रा की सुबिधा उपलब्ध थी
९-कितनी नहर या डैमे थी
१०-कितने % लोगो को स्थाई रोजगार था
११- कितने % लोग टेलीफोन का उपयोग करते थे
१२-कितने कल कारख़ाने उधोग थे
१३-कितने % लोग चप्पल जुते उपयोग करते थे
१४-कौनसे हतियार बनते थे
१५-कौन कौनसी मोटर गाड़ी बनती थी
१६-कितने रोगो का इलाज उपलब्ध था
१७-रेलवे किस स्थान पर थी
१८ कौन कौनसे राज्यों को आजादी के बाद भारत में बिलाय किया गया
१९-टीवी इंटरनेट था क्या
२०-आजादी से पहले नागरिको को कोण कोण से अधिकार उपलब्ध थे
२१-कितने % लोगो को भीख मांग कर पेट भरना पड़ता था
२२-पिछड़े दलितों और गरीबो का क्या स्थान था
२३-आजादी से पहले और बाद में आरएसएस बादियो का देश के प्रति क्या सोच नजरिया था |
ये २३ प्रश्नो का उत्तर देने की हिम्मत देखए छप्पनिया जी ,
२३ मई को बिजेपी जाएगी जरूर उत्तर नहीं दिया तो बिजेपी जनसंघ की तरह पूरी साफ़ हो जाएगी
|
@ हां तो ठरकी छप्पनिया के चरसी भक्तो इन प्रश्नो का उत्तर देने का हौसला दिखाओ |

विनोद मानवतावादी said...

मोदी जी उर्फ़ ठरकी छप्पनिया जी बताये कोनसी देश भक्ति के तहत बिन बुलावे आतंकी नवाज का जन्म दिन मनाने केक बिरियानी खाने गए थे जिसके हाथ हमारे लगभग एक लाख जवानो और नागरिको के खून से रंगे हुवे है |
क्या इससे जवानो का मनोबल नहीं टुटा देश जबाब मांग रहा है छदम देश भक्त जी |

विनोद मानवतावादी said...

मोदी जी का छदम देश भक्ति का भाषण सुनकर सोचा कुछ पूछ लू
मोदी जी जबाब दे कोनसी देश भक्ति के तहत आप लोगो ने अपार प्यार आतंकी पाकिस्तानियो पर लुटाया >
१-जिन्ना की मजार पर माथा रगड़ा
२-शपथ ग्रहण में बुलाओ आप लोग
३-पाकिस्तानियो का जन्म दिन मनाने केक-बिरियानी खाओ उपहार का लेन देन और आतंकी नवाज में माँ के पैर में नाक रगड़ा
४-पठानकोट हमले की जाँच पाकिस्तानी आईएसआई से कराई
५-आतंकी पाकिस्तान दिवस की शुभकामन चोरी छिपे दी

पाकिस्तानियो ने हमारे लगभग एक लाख जवानो और नागरिको के खून से रंगे हुवे है कोनसी संस्कार के तहत दुश्मन से दोस्ती निभाई , क्या इससे शहीद सैनिको का अपमान नहीं हुवा क्या सैनिको का मनोबल नहीं टुटा |
देश से दुश्मनी वाला काम आप करो आप लोग और दोष मढ़ो औरो पर मुझे तो लगता है पाकिस्तान के केक खाने के बाद आप झूठ के साथ बेशर्म निर्लज्ज भी बन गए है
@ मोदी जी से एक देश हित में मेरा प्रश्न > आपके बिन बुलावे पाकिस्तान यात्रा के बाद आतंकबाद व सीज फायर की घटनाओ में बेहिसाब बृद्धि क्यों हुई क्या गुंटर गु सैटिंग कर के आये थे |
जबाब दे |

Unknown said...

Chup be chor chokidar...

Unknown said...

Love and support
from kanpur..... Keep it up sir

Unknown said...

Sir hamne ye aakre chahiye kaise milega

NEWS AGENCY said...

मोदी तो जितेगें हि िििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििििि

Vivek Mishra said...

बहुत सही